प्रतीकात्मक चित्र

नोएडा फिल्म सिटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगी नए कीर्तिमान।

दिल्ली एनसीआर:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जेवर एयरपोर्ट के पास फिल्म सिटी बनाने की घोषणा के पश्चात, इस प्रोजेक्ट के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज कर दी गई है। अभी तक जहां हिंदी भाषी सिनेमा महाराष्ट्र में मुंबई में स्थापित था, आगामी भविष्य में यह हिंदी भाषी प्रदेश “उत्तर प्रदेश” में अपने नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
हिंदी भाषी राज्यों उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, दिल्ली और देश के विभिन्न हिस्सों से अभिनय करने वाले युवा मुंबई में, फिल्मों में अभिनय करने के लिए जाया करते थे। उत्तर प्रदेश और बिहार के युवाओं को मुंबई जाना आर्थिक रूप से तो परेशान करता ही था साथ ही हिंदी भाषी होने के कारण, उनको वहां पर अपमान का सामना भी करना पड़ता था। परंतु यह स्थिति आगामी भविष्य में लगभग समाप्त हो जाएगी। अब हिंदी भाषी युवाओं को अपने हिंदी भाषा उत्तर प्रदेश में ही फिल्मों में और सीरियलों में अभिनय करने का बड़े स्तर पर मौका मिलेगा।
जेवर एयरपोर्ट के समीप बड़े क्षेत्र में फिल्म सिटी स्थापित की जाएगी
जेवर एयरपोर्ट के समीप बड़े क्षेत्र में फिल्म सिटी स्थापित की जाएगी, जिसमें बड़े-बड़े स्टूडियो भी स्थापित किए जाएंगे। मंदिर गुरुद्वारा आदि की स्थापना भी फिल्म सिटी के अंदर ही की जाएगी, जिससे कि फिल्मों में दृश्य फिल्मांकन के लिए बाहर कम जाना पड़े, इस प्रकार का वातावरण फिल्म सिटी में स्थापित किया जाएगा।
पूर्व में उत्तर प्रदेश, अपराध प्रदेश के स्तर पर पहचाना जाता रहा है। जब से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आई है तब से अपराधियों को ताबड़तोड़ तरीके से जेल के अंदर भेजा जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश का वातावरण बहुत ही शांत और अच्छा हो गया है। बड़े-बड़े व्यापारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो या राष्ट्रीय स्तर पर, उत्तर प्रदेश राज्य में अपने व्यवसाय को स्थापित कर रहे हैं।
नोएडा, ग्रेटर-नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे फिल्म सिटी बन जाने से बहुत बड़ा स्तर पर विकास होने से, यहां पर रोजगार बढ़ेंगे, जिससे युवाओं की बेरोजगारी की समस्या भी दूर होगी।
दिल्ली एनसीआर में मुनि आर्ट्स एवं फिल्म्स प्रोडक्शन हाउस के चेयरमैन प्रमोद कामत जी ने बताया कि अभी तक फिल्म की शूटिंग के लिए मुंबई या हैदराबाद में स्टूडियो में जाना पड़ता था परंतु गौतमबुधनगर में फिल्म सिटी स्थापित होने के पश्चात, हमें डॉक्यूमेंट्री या शॉर्ट फिल्म बनाने के लिए मुंबई या हैदराबाद जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और पैसे की बचत तो होगी ही साथ ही उत्तर प्रदेश का विकास भी होगा।

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